मुंबई: जम्हूरी मूल्यों और कौमी एकता पर मशाविरती इजलास, सियासी-समाजी रहनुमाओं ने की शिरकत.

मुंबई: जम्हूरी मूल्यों और कौमी एकता पर मशाविरती इजलास, सियासी-समाजी रहनुमाओं ने की शिरकत.

इस्लाम जिमखाना में ‘मौजूदा हालात’ पर संवाद; हेट स्पीच, माइनॉरिटी अधिकार और मुश्तरका हिकमत-ए-अमली पर चर्चा.।

मुंबई, 9 जून 2026: आज मुंबई के इस्लाम जिमखाना में “मौजूदा हालात: मिल्लत की रहनुमाई, जम्हूरी अक़दार का तहफ़्फ़ुज़ और मुश्तरका हिकमत-ए-अमली” विषय पर एक अहम मशाविरती इजलास आयोजित किया गया।

 इजलास का मकसद और चर्चा।

अहम मुद्दे: बैठक में मौजूदा दौर के अहम मसलों, समाज की बेहतरी, जम्हूरी मूल्यों की हिफाज़त और आपसी एकता को मज़बूत करने पर सार्थक चर्चा हुई।

संवाद की अहमियत: वक्ताओं ने कहा कि ऐसे संवाद समाज को सही दिशा देने और मिलकर बेहतर भविष्य बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। हेट स्पीच और हेट क्राइम जैसे मुद्दों पर भी चिंता जताई गई।

कौन-कौन रहा मौजूद।

इजलास में महाराष्ट्र के विधायक अबू असीम आज़मी, रईस शेख, सना मलिक, अमीन पटेल, साजिद पठान, हारून खान समेत कई सियासी रहनुमा शामिल हुए।  

दीनी और समाजी संगठनों से पूर्व राज्यसभा सांसद मौलाना उबैदुल्लाह आज़मी, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सेक्रेटरी मौलाना महफूज़ रहमानी, जमात-ए-इस्लामी हिंद के महाराष्ट्र अध्यक्ष मौलाना इलयास फलाही और जमीअत उलेमा हिंद महाराष्ट्र के अध्यक्ष मौलाना हलीम उल्लाह खान भी मौजूद रहे।

आगे की राह । 

आयोजकों ने इस पहल के लिए फेडरेशन और महाराष्ट्र मुस्लिम्स का शुक्रिया अदा किया और सभी सहभागी साथियों को मुबारकबाद दी। बैठक में मुश्तरका हिकमत-ए-अमली यानी सामूहिक रणनीति पर ज़ोर दिया गया ताकि माइनॉरिटी हितों और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा की जा सके।