एम्स में प्रोफेसर द्वारा रेजिडेंट डॉक्टर का उत्पीड़न: जांच शुरू

दिल्ली के एम्स में एक रेजिडेंट डॉक्टर के यौन उत्पीड़न का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक सहयोगी प्रोफेसर पर गंभीर आरोप लगे हैं, जिसकी जांच विशाखा समिति कर रही है।

एम्स में प्रोफेसर द्वारा रेजिडेंट डॉक्टर का उत्पीड़न: जांच शुरू
एम्स में प्रोफेसर द्वारा रेजिडेंट डॉक्टर का उत्पीड़न: जांच शुरू

दिल्ली एम्स में सनसनीखेज मामला: सहयोगी प्रोफेसर पर रेजिडेंट डॉक्टर के उत्पीड़न का आरोप

देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), दिल्ली से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक सहयोगी प्रोफेसर पर एक युवा रेजिडेंट डॉक्टर के उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगा है, जिसने संस्थान के भीतर हड़कंप मचा दिया है। इस घटना ने एम्स परिसर में छात्रों और कर्मचारियों के बीच भय और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, यह आरोप एम्स के एक विभाग के सहयोगी प्रोफेसर पर लगा है, जिन्होंने कथित तौर पर एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर का लगातार उत्पीड़न किया। हालांकि, उत्पीड़न की विस्तृत प्रकृति अभी स्पष्ट नहीं की गई है, लेकिन संदर्भ 'लैंगिक छळाचा आरोप' (sexual harassment allegations) की ओर इशारा करता है। पीड़ित डॉक्टर ने हिम्मत दिखाते हुए इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की है।

छात्रों में डर का माहौल

इस घटना के सामने आने के बाद एम्स परिसर में पढ़ाई कर रहे और काम कर रहे अन्य रेजिडेंट डॉक्टरों और छात्रों के बीच डर का माहौल है। कई छात्रों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ऐसी घटनाएं कार्यस्थल पर सुरक्षा और सम्मान को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच होनी चाहिए ताकि दोषियों को सजा मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

विशाखा समिति कर रही है जांच

एम्स प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की है। संस्थान की विशाखा समिति (Vishakha Committee), जो कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकायतों की जांच के लिए गठित की गई है, ने मामले की जांच शुरू कर दी है। समिति मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है और जल्द ही अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। एम्स प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

सुरक्षित कार्यस्थल की मांग

यह घटना एक बार फिर कार्यस्थल पर महिला सुरक्षा और सम्मान के महत्व को रेखांकित करती है। देशभर के चिकित्सा संस्थानों में छात्रों और डॉक्टरों को एक सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण मिलना चाहिए, जहां वे बिना किसी डर के अपना काम कर सकें। उम्मीद है कि एम्स प्रशासन इस मामले में एक नजीर पेश करेगा और सभी के लिए एक सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करेगा।