बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर फंड दुरुपयोग और अयोध्या चंदा चोरी के आरोपों से हड़कंप, ट्रस्ट ने जांच के आदेश दिए।
हाईकोर्ट ने सरकार और बीकेटीसी से मांगा जवाब, अयोध्या में SIT गठन, भक्तों की आस्था पर सवाल।
बद्रीनाथ-केदारनाथ: जीर्णोद्धार फंड में गड़बड़ी का आरोप:
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने 2012 से 2017 के बीच बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिरों के जीर्णोद्धार के लिए जारी फंड के कथित दुरुपयोग मामले में सुनवाई की।
क्या हैं आरोप:
फंड का गलत इस्तेमाल: याचिकाकर्ता अमित शर्मा का आरोप है कि जीर्णोद्धार का पैसा उन मंदिरों पर भी खर्च किया गया जो बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अधीन नहीं थे।
अवैध नियुक्तियां: समिति में नियमों के खिलाफ अपने खास लोगों की नियुक्ति की गई।
बिना निविदा काम: पौड़ी में प्राचीन बिनसर मंदिर का पुनर्निर्माण बिना निविदा के किया गया, जबकि वो बीकेटीसी के अधीन नहीं था ।
कोर्ट का आदेश: मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने राज्य सरकार और बीकेटीसी को 3 सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है ।
केदारनाथ में 'सोना घोटाले' के आरोप:
चारधाम महापंचायत के उपाध्यक्ष संतोष त्रिवेदी ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि केदारनाथ गर्भगृह में सोने की जगह पीतल चढ़ाया गया और इसमें करीब 1.15 अरब रुपये का घोटाला हुआ है ।
बीकेटीसी का जवाब: समिति ने कहा कि गर्भगृह में 23,777.800 ग्राम सोना* लगा है जिसकी कीमत करीब 14.38 करोड़ है। सभी बिल और वाउचर स्टॉक बुक में दर्ज हैं ।
अयोध्या राम मंदिर: चंदा चोरी के गंभीर आरोप:
अयोध्या में राम मंदिर के दान को लेकर भी विवाद गहराया है।
क्या है मामला:
200 करोड़ की चोरी का आरोप*: रिपोर्ट्स में कहा गया कि मंदिर की 14 हुंडियों से चढ़ावे की राशि गायब है।
CCTV में संदिग्ध गतिविधि: फुटेज में कर्मचारियों को कैश के बंडल छिपाते दिखाया गया। कुछ नकदी अलमारी और गोबर के ढेर में भी मिली होने का दावा।
SIT जांच: मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और परिसर प्रशासक समेत करीब 50 लोग संदेह के घेरे में ।
ट्रस्ट का पक्ष: चंपत राय ने आरोपों से इनकार किया और कहा कि नियमित ऑडिट होते हैं, कोई अनियमितता नहीं मिली। विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है ।
बद्रीनाथ के नाम पर ऑनलाइन ठगी:
देहरादून साइबर पुलिस ने 'शिव धाम फाउंडेशन' नाम की *फर्जी वेबसाइट और फेसबुक प्रोफाइल से चंदा वसूलने वाले अमित त्रिवेदी के खिलाफ मामला दर्ज किया। आरोपी बद्रीनाथ धाम के संरक्षण के नाम पर भक्तों से ऑनलाइन दान मांग रहा था ।
सरकार और प्रशासन क्या कर रहा है?
उत्तराखंड सरकार से हाईकोर्ट ने फंड दुरुपयोग पर जवाब मांगा।
अयोध्या मामले में SIT गठित, 15 दिन में रिपोर्ट आने की उम्मीद।
प्रशासन ने लोगों से अपील की कि सिर्फ अधिकृत चैनलों से ही दान दें ।





