जंग की भेंट चढ़ा बिहार का लाल: कैप्टन राकेश रंजन की मौत
होर्मुज में युद्ध के कारण फंसे भारतीय शिप 'अवाना' के कैप्टन राकेश रंजन सिंह का निधन। बिहार के लाल को समय पर इलाज न मिलने से गंवानी पड़ी जान।
मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-इजरायल युद्ध ने एक और ज़िंदगी छीन ली है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे भारतीय मालवाहक जहाज 'अवाना' के कैप्टन राकेश रंजन सिंह का दुबई में निधन हो गया है। मूल रूप से बिहार के रहने वाले कैप्टन रंजन की मौत का कारण युद्ध के हालातों के चलते समय पर चिकित्सा सहायता न मिल पाना बताया जा रहा है।
यह हृदय विदारक घटना अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर युद्ध के बढ़ते प्रभावों को दर्शाती है। कैप्टन राकेश रंजन सिंह, जो अपने परिवार से दूर समुद्र में देश की सेवा कर रहे थे, एक ऐसी स्थिति के शिकार हुए जिसमें उनकी जान बचाई जा सकती थी अगर समय रहते उन्हें पर्याप्त मेडिकल सुविधा मिल पाती। उनके निधन से न केवल उनका परिवार बल्कि पूरा देश सदमे में है।
ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने होर्मुज जैसे रणनीतिक जलडमरूमध्य को बेहद खतरनाक बना दिया है। यहां से गुजरने वाले जहाजों और उनके चालक दल को लगातार अनिश्चितता और खतरे का सामना करना पड़ रहा है। 'अवाना' जैसे जहाजों को अक्सर ऐसे इलाकों में लंबी अवधि तक रुकना पड़ता है, जिससे चालक दल के सदस्यों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ता है।
कैप्टन राकेश रंजन सिंह का असामयिक निधन इस बात की गंभीर याद दिलाता है कि युद्ध सिर्फ सीमाओं पर लड़ने वाले सैनिकों को ही नहीं, बल्कि अप्रत्यक्ष रूप से कई निर्दोष जिंदगियों को भी प्रभावित करता है। भारत सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से यह उम्मीद की जा रही है कि वे ऐसे फंसे हुए नाविकों की सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाएं। हम कैप्टन राकेश रंजन सिंह के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़े हैं।









