परमाणु हथियारों में नंबर-1 बनेगा जापान? चीन का चौंकाने वाला दावा

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच चीन ने जापान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर सनसनीखेज दावा किया है। क्या जापान रूस और अमेरिका को पीछे छोड़ देगा?

परमाणु हथियारों में नंबर-1 बनेगा जापान? चीन का चौंकाने वाला दावा
परमाणु हथियारों में नंबर-1 बनेगा जापान? चीन का चौंकाने वाला दावा

चीन का दावा: परमाणु शक्ति के समीकरण में बड़ा बदलाव

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच 28 फरवरी से जारी भीषण जंग ने पूरी दुनिया को दहला रखा है। मिडिल ईस्ट में तनाव अपने चरम पर है और इसी बीच चीन ने एक ऐसी रिपोर्ट साझा की है जिसने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों के कान खड़े कर दिए हैं। चीन का दावा है कि परमाणु हथियारों की अगली बड़ी महाशक्ति रूस या अमेरिका नहीं, बल्कि जापान हो सकता है।

जापान की 'छिपी हुई' परमाणु क्षमता

चीन के सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार, जापान के पास दुनिया का सबसे आधुनिक परमाणु बुनियादी ढांचा है। तकनीकी रूप से जापान इतना सक्षम है कि वह महज कुछ ही महीनों के भीतर सैकड़ों परमाणु हथियार तैयार कर सकता है। चीन का आरोप है कि जापान के पास प्लूटोनियम का विशाल भंडार है, जो उसे रातों-रात परमाणु शक्ति संपन्न देशों की सूची में सबसे ऊपर ला सकता है।

मिडिल ईस्ट संकट और एशिया पर प्रभाव

28 फरवरी से जारी युद्ध की वजह से वैश्विक व्यवस्था में बड़े बदलाव देखे जा रहे हैं। चीन का मानना है कि अमेरिका जिस तरह से इजरायल का समर्थन कर रहा है, उससे भविष्य में जापान जैसे देशों को भी अपनी सुरक्षा के लिए परमाणु विकल्प चुनने का प्रोत्साहन मिल सकता है। हालांकि, जापान अब तक परमाणु हथियारों के खिलाफ अपनी नीति पर कायम है, लेकिन चीन के इस सनसनीखेज दावे ने दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जापान अपनी सैन्य नीति में बदलाव करता है, तो वह रूस और अमेरिका को भी तकनीक के मामले में पीछे छोड़ सकता है।