क्या फिर लगेगा लॉकडाउन? ईरान-इजरायल युद्ध और भारत पर असर

पश्चिम एशिया में युद्ध की आहट के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही थमी। क्या भारत में ऊर्जा संकट से लगेगा फिर लॉकडाउन? जानें सच्चाई।

क्या फिर लगेगा लॉकडाउन? ईरान-इजरायल युद्ध और भारत पर असर
क्या फिर लगेगा लॉकडाउन? ईरान-इजरायल युद्ध और भारत पर असर

पश्चिम एशिया में गहराता संकट: क्या वैश्विक अर्थव्यवस्था फिर थमेगी?

ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने दुनिया भर में खलबली मचा दी है। सबसे बड़ी चिंता का विषय हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) है, जहाँ जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है। यह मार्ग वैश्विक तेल व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण ट्रांजिट पॉइंट है।

क्या कोविड जैसा लॉकडाउन फिर से लगेगा?

सोशल मीडिया पर यह सवाल तेजी से फैल रहा है कि क्या युद्ध के कारण फिर से 2020 जैसा लॉकडाउन लग सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह लॉकडाउन स्वास्थ्य कारणों से नहीं, बल्कि ऊर्जा की कमी और परिवहन ठप होने के कारण हो सकता है। यदि कच्चे तेल की आपूर्ति लंबे समय तक बाधित रहती है, तो ईंधन की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिससे आवश्यक सेवाओं के अलावा अन्य गतिविधियों पर अंकुश लग सकता है।

भारत पर असर और ऊर्जा संकट

भारत अपनी तेल जरूरतों का लगभग 80 प्रतिशत आयात करता है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी प्रकार की रुकावट का सीधा असर भारत की रसोई और परिवहन पर पड़ेगा। हालांकि, सरकार का दावा है कि भारत के पास पर्याप्त रणनीतिक तेल भंडार (Strategic Petroleum Reserves) हैं, जो कुछ हफ्तों तक देश की जरूरतों को पूरा कर सकते हैं।

क्या भारत तैयार है?

सरकार वर्तमान में रूस और अन्य देशों से वैकल्पिक मार्गों के माध्यम से तेल आपूर्ति सुनिश्चित करने की योजना बना रही है। लेकिन यदि खाड़ी देशों में पूर्ण युद्ध छिड़ता है, तो वैश्विक सप्लाई चेन टूटने का खतरा बढ़ जाएगा, जिससे महंगाई अनियंत्रित हो सकती है। फिलहाल, भारतीय अधिकारी स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए हैं और कूटनीतिक समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।