रिफाइनरी में 35 दिन का शटडाउन, 6000 पेट्रोल पंपों पर संकट
नायरा एनर्जी की वाडिनार रिफाइनरी 35 दिनों के मेंटेनेंस के लिए बंद। ईरान-इजरायल तनाव के बीच देश के 6000 से ज्यादा पेट्रोल पंपों पर बढ़ सकती है ईंधन की किल्लत।
एक तरफ जहाँ मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों को $103 प्रति बैरल के पार पहुंचा दिया है, वहीं भारत के घरेलू ईंधन बाजार के लिए एक और चिंताजनक खबर सामने आई है। देश की दूसरी सबसे बड़ी निजी रिफाइनरी, नायरा एनर्जी (Nayara Energy), गुजरात के वाडिनार स्थित अपने प्लांट को 35 दिनों के लिए पूरी तरह बंद करने की योजना बना रही है।
रखरखाव के लिए शटडाउन का फैसला
यह शटडाउन रिफाइनरी के नियमित रखरखाव (Maintenance) के लिए किया जा रहा है, लेकिन इसकी टाइमिंग ने बाजार विशेषज्ञों और पेट्रोल पंप डीलरों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। कंपनी का वाडिनार स्थित यह प्लांट अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है और देश की ईंधन सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
रिटेल नेटवर्क पर पड़ेगा असर
नायरा एनर्जी के देशभर में 6,000 से ज्यादा पेट्रोल पंप हैं। रिफाइनरी के 35 दिनों तक बंद रहने से इन पंपों पर पेट्रोल और डीजल की सप्लाई प्रभावित होने की संभावना है। हालांकि, कंपनी ने बैकअप प्लान और स्टॉक प्रबंधन की बात कही है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों के बीच यह घरेलू सप्लाई चेन के लिए किसी परीक्षा से कम नहीं है।
बाजार की चुनौतियां और भविष्य
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस अवधि के दौरान कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ती हैं, तो निजी पंपों पर निर्भरता कम हो सकती है और सरकारी तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) पर दबाव बढ़ सकता है। डीलरों का कहना है कि सप्लाई में थोड़ी सी भी देरी स्थानीय स्तर पर स्टॉक खत्म होने का कारण बन सकती है।









