राजा सिंह का वायरल वीडियो विवादों में, मुसलमानों पर टिप्पणी और सीधी चुनौती को लेकर हंगामा.
हर मुसलमान अपनी बहन देना चाहता है" – राजा सिंह के बयान पर बवाल, माफी की मांग.
"साले" कहकर संबोधित करने पर भी नाराजगी, समर्थकों ने कहा- धमकियों के जवाब में दिया बयान.
हैदराबाद – गोशामहल से विधायक राजा सिंह का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में मुस्लिम समुदाय, राजनीतिक विरोधियों और उन्हें मिल रही धमकियों को लेकर की गई टिप्पणियों पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।
वीडियो में क्या कहा:
राजा सिंह ने दावा किया कि उन्हें धमकियां मिलना अब रोज की बात हो गई है। उन्होंने कहा कि लोग फोन कॉल और सोशल मीडिया के जरिए उन्हें लगातार चुनौती देते हैं। ऐसी धमकियों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि धमकी देने वालों में उनसे सीधे सामने आने की हिम्मत नहीं है।
धमकी देने वालों का जिक्र करते हुए राजा सिंह ने कहा, "अगर किसी को चुनौती देनी है तो फोन या सोशल मीडिया के पीछे से नहीं, बल्कि आमने-सामने आकर दे।" उन्होंने दावा किया कि ऐसे हालात से निपटने का उन्हें लंबा अनुभव है और वे मौखिक धमकियों से डरने वाले नहीं हैं।
विधायक ने अपने अतीत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राजनीति में आने से पहले वे विरोधियों से सीधे टकराने के लिए जाने जाते थे। राजा सिंह के मुताबिक, राजनीति में आने के बाद उनका तरीका बदला, लेकिन वे अब भी खुलकर चुनौती देने वालों का सामना करने को तैयार हैं।
बातचीत के दौरान राजा सिंह ने एक कार्यक्रम रद्द होने पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सरकार और पुलिस ने कुछ कारणों से कार्यक्रम रद्द किया था। आरोप लगाया कि आधिकारिक फैसले के बावजूद कुछ समूहों ने सोशल मीडिया पर मुद्दे को अलग तरह से पेश करने और रद्दीकरण को लेकर अलग नैरेटिव बनाने की कोशिश की।
सबसे विवादित हिस्सा:
वीडियो का सबसे विवादित हिस्सा वह है जिसे कई सोशल मीडिया यूजर्स ने मुसलमानों को निशाना बनाने वाला माना। एक हिस्से में राजा सिंह ने कथित तौर पर उन्हें धमकी देने वालों को अपना "साले" (जीजा) बताया, जिस पर ऑनलाइन आलोचना हुई।
सबसे ज्यादा बैकलैश राजा सिंह की इस कथित टिप्पणी पर हुआ कि "हर मुसलमान अपनी बहन राजा सिंह को देना चाहता है।" यह टिप्पणी तुरंत ऑनलाइन बहस का केंद्र बन गई। कई यूजर्स ने इसे मुस्लिम समुदाय के प्रति आपत्तिजनक, अपमानजनक और असम्मानजनक बताकर निंदा की।
कई सोशल मीडिया यूजर्स ने विधायक पर सांप्रदायिक तनाव भड़काने और धार्मिक भावनाएं आहत करने वाली भाषा इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। आलोचकों ने बयान पर स्पष्टीकरण और जवाबदेही की मांग की, जबकि समर्थकों ने दलील दी कि ये बयान धमकियों के जवाब में दिए गए थे और इन्हें उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर दो फाड़:
वायरल क्लिप के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है। समर्थकों ने टिप्पणियों को विधायक के खिलाफ जारी दुश्मनी का जवाब बताया, जबकि विरोधियों का तर्क है कि जनप्रतिनिधियों को ऐसी भाषा से बचना चाहिए जिसे किसी भी समुदाय के लिए अपमानजनक माना जा सके।





