Earthquake in Kolkata: 5.9 तीव्रता के झटकों से कांपा बंगाल, Myanmar था केंद्र, लोग घरों से भागे

Tuesday night को Kolkata और West Bengal में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। Magnitude 5.9 वाले इस भूकंप का केंद्र Myanmar में था। जानिए ताजा अपडेट, नुकसान की खबर और बचाव के तरीके।

Earthquake in Kolkata: 5.9 तीव्रता के झटकों से कांपा बंगाल, Myanmar था केंद्र, लोग घरों से भागे

Earthquake in Kolkata: रात के सन्नाटे में डोली धरती, 5.9 तीव्रता के भूकंप से कोलकाता में दहशत, सड़कों पर उतरे लोग

Kolkata/New Delhi: मंगलवार (Tuesday) की रात जब लोग अपने घरों में आराम कर रहे थे या डिनर की तैयारी में थे, तभी अचानक धरती डोलने लगी। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता (Kolkata) समेत राज्य के कई हिस्सों में भूकंप (Earthquake) के जोरदार झटके महसूस किए गए।

News18 Marathi की रिपोर्ट के मुताबिक, रात करीब 9 बजकर 5 मिनट (IST) पर आए इस जलजले ने लोगों के दिलों में दहशत भर दी। पंखे हिलने लगे, खिड़कियां खड़खड़ाने लगीं और देखते ही देखते लोग जान बचाने के लिए ऊंची इमारतों (High-rises) से नीचे भागने लगे।

कहां था केंद्र और कितनी थी तीव्रता? (Epicenter & Magnitude)

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) और रिपोर्ट के अनुसार:

Time (समय): रात 9:05 बजे (मंगलवार, 3 फरवरी 2026)

Magnitude (तीव्रता): रिक्टर स्केल पर 5.9 मापी गई।

Epicenter (केंद्र): भूकंप का केंद्र पड़ोसी देश म्यांमार (Myanmar) में था। यह जगह म्यांमार के सित्वे (Sittwe) शहर के पास बताई जा रही है।

Distance: यह केंद्र बांग्लादेश के कॉक्स बाजार (Cox's Bazar) से लगभग 200 किलोमीटर और म्यांमार के येनांगयांग (Yenangyaung) से 95 किलोमीटर पश्चिम में स्थित था।

भले ही भूकंप का केंद्र भारत की सीमा से बाहर था, लेकिन 5.9 की तीव्रता काफी ज्यादा होती है, जिस कारण इसके झटके (Tremors) भारत के पूर्वी राज्यों, विशेषकर पश्चिम बंगाल में साफ महसूस किए गए।

Kolkata में अफरातफरी का माहौल

जैसे ही झटके लगे, कोलकाता, हावड़ा (Howrah), हुगली (Hooghly) और 24 परगना जिलों में हड़कंप मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि झटके कुछ सेकंड तक महसूस हुए, लेकिन वे इतने तेज थे कि लोगों को लगा कोई बड़ी अनहोनी होने वाली है।

Panic in High-rises: कोलकाता की ऊंची रिहायशी इमारतों (Apartments) में रहने वाले लोग सबसे ज्यादा डर गए। लिफ्ट का इस्तेमाल न करने की चेतावनी के बीच लोग सीढ़ियों से नीचे भागे।

Safe Spots: पार्क स्ट्रीट, साल्ट लेक और न्यू टाउन जैसे इलाकों में लोग खुले मैदानों और सड़कों पर जमा हो गए। हर किसी के चेहरे पर 'आफ्टरशॉक्स' (Aftershocks) का डर साफ दिख रहा था।

क्या हुआ नुकसान? (Damage Report)

राहत की बात यह है कि अभी तक पश्चिम बंगाल में किसी बड़े जान-माल के नुकसान (Casualties or Major Damage) की खबर नहीं है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग (Disaster Management Department) ने सभी जिलों से रिपोर्ट मांगी है। हालांकि, म्यांमार के सीमावर्ती इलाकों में कुछ पुरानी इमारतों में दरारें आने की अपुष्ट खबरें हैं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांत रहने की अपील की है।

Why Bengal is at Risk? (बंगाल खतरे में क्यों है?)

भूगर्भ वैज्ञानिकों (Geologists) के अनुसार, कोलकाता और इसके आसपास का इलाका Seismic Zone III और IV की सीमा पर आता है। इसका मतलब है कि यहां मध्यम से लेकर भारी तीव्रता वाले भूकंप का खतरा हमेशा बना रहता है। इसके अलावा, यह क्षेत्र हिमालयन बेल्ट और म्यांमार की फॉल्ट लाइन्स (Fault Lines) के करीब है, जो दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक है। यही कारण है कि नेपाल, पूर्वोत्तर भारत या म्यांमार में आने वाले भूकंपों का असर बंगाल पर सीधा पड़ता है।

Earthquake Safety Tips: भूकंप आने पर क्या करें?

चूंकि 'आफ्टरशॉक्स' (भूकंप के बाद के झटके) आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, इसलिए आपको ये सुरक्षा नियम जरूर पता होने चाहिए:

Drop, Cover, Hold On: जैसे ही झटका महसूस हो, जमीन पर झुक जाएं (Drop), किसी मजबूत मेज या बेड के नीचे छिप जाएं (Cover), और उसे कसकर पकड़ लें (Hold On)।

Stay Inside: अगर आप घर के अंदर हैं, तो बाहर भागने की कोशिश न करें जब तक कि झटके रुक न जाएं। गिरती हुई चीजों से चोट लगने का खतरा सबसे ज्यादा होता है।

Use Stairs: लिफ्ट का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। बिजली जाने या लिफ्ट के अटकने का खतरा होता है।

Open Area: अगर आप बाहर हैं, तो इमारतों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर किसी खुले मैदान में चले जाएं।

Emergency Kit: अपने घर में एक इमरजेंसी किट तैयार रखें जिसमें टॉर्च, फर्स्ट एड बॉक्स, पानी और कुछ सूखा खाना हो।

Conclusion: सतर्क रहें, सुरक्षित रहें

प्रकृति के आगे इंसान बेबस है, लेकिन सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। मंगलवार की रात की घटना एक चेतावनी है कि हमें हमेशा तैयार रहना चाहिए। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अगर आपको दोबारा झटके महसूस हों, तो घबराएं नहीं, बल्कि सुरक्षा नियमों का पालन करें।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1: कोलकाता में भूकंप कितने बजे आया? Ans: भारतीय समयानुसार (IST) भूकंप के झटके मंगलवार रात करीब 9:05 बजे महसूस किए गए।

Q2: भूकंप का केंद्र (Epicenter) कहां था? Ans: भूकंप का केंद्र म्यांमार (Myanmar) में सित्वे शहर के पास था। यह जगह जमीन की सतह से कुछ गहराई पर थी।

Q3: क्या भूकंप से कोई नुकसान हुआ है? Ans: पश्चिम बंगाल में अभी तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की आधिकारिक खबर नहीं है। प्रशासन अलर्ट पर है।

Q4: रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता कितनी थी? Ans: भूकंप की तीव्रता 5.9 मापी गई है, जिसे मध्यम से शक्तिशाली श्रेणी में रखा जाता है।

Q5: क्या और झटके (Aftershocks) आ सकते हैं? Ans: बड़े भूकंप के बाद अक्सर छोटे झटके (Aftershocks) आते हैं। वैज्ञानिकों ने लोगों को अगले 24 घंटों तक सतर्क रहने की सलाह दी है।