UGC रेगुलेशन 2026 पर SC का केंद्र को नोटिस: सभी याचिकाएं एक साथ
सुप्रीम कोर्ट ने UGC रेगुलेशन 2026 को चुनौती देने वाली नई याचिकाओं पर केंद्र सरकार और यूजीसी को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सभी याचिकाओं को एक साथ जोड़ दिया।
सर्वोच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में केंद्र सरकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस UGC रेगुलेशन 2026 को चुनौती देने वाली नई याचिकाओं के संबंध में भेजा गया है, जिसका सीधा असर 'जनरल कैटेगरी' (सामान्य वर्ग) के छात्रों पर पड़ सकता है।
UGC रेगुलेशन 2026 पर कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
अदालत ने इन नई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केंद्र और यूजीसी से चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। याचिकाओं में यह दावा किया गया है कि प्रस्तावित UGC रेगुलेशन 2026 के कुछ प्रावधान सामान्य वर्ग के छात्रों के अवसरों और हितों को प्रभावित कर सकते हैं। यह पूरा मामला उच्च शिक्षा क्षेत्र में समानता और आरक्षण के सिद्धांतों के इर्द-गिर्द घूम रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, सभी याचिकाओं को एक साथ जोड़ा जाए
याचिकाकर्ताओं के वकील ने कोर्ट के समक्ष अपनी दलीलें रखीं, जिसके बाद कोर्ट ने पाया कि यह मामला जनहित और शिक्षा के व्यापक पहलुओं से जुड़ा है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान एक महत्वपूर्ण निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चूंकि इस विषय से जुड़ी एक मुख्य याचिका पहले से ही लंबित है, इसलिए आज दायर की गई सभी नई याचिकाओं को भी उसी के साथ जोड़ दिया जाए।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि, “सभी संबंधित याचिकाओं पर अब एक साथ सुनवाई की जाएगी ताकि मामले में एकरूपता बनी रहे और सभी पक्षों की दलीलों को समग्र रूप से समझा जा सके।”
शिक्षाविदों की निगाहें कोर्ट के फैसले पर
UGC रेगुलेशन 2026 शिक्षा प्रणाली में कई बड़े बदलाव लाने की तैयारी में है। हालांकि, याचिकाओं में मुख्य रूप से प्रवेश प्रक्रिया और अवसरों के बंटवारे को लेकर चिंताएं जताई गई हैं। कोर्ट के इस नोटिस के बाद केंद्र सरकार और UGC को अब अदालत के समक्ष इन रेगुलेशंस के औचित्य और कानूनी वैधता को स्पष्ट करना होगा। शिक्षा नीति से जुड़े इस महत्वपूर्ण कानूनी विवाद पर देश भर के छात्रों, अभिभावकों और शिक्षाविदों की निगाहें टिकी हुई हैं। मामले की अगली सुनवाई जल्द ही सूचीबद्ध की जाएगी।









