ईरान-अमेरिका युद्ध: भारत की बढ़ी टेंशन, चाबहार निवेश पर संकट

अमेरिका के ईरान पर हमले ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। चाबहार बंदरगाह में भारत का अरबों का निवेश अब खतरे में है। जानिए क्या है पूरा मामला।

ईरान-अमेरिका युद्ध: भारत की बढ़ी टेंशन, चाबहार निवेश पर संकट
ईरान-अमेरिका युद्ध: भारत की बढ़ी टेंशन, चाबहार निवेश पर संकट

अमेरिका-ईरान तनाव और भारत की चिंता

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के बीच अब भारत के रणनीतिक और आर्थिक हितों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। अमेरिकी लड़ाकू विमानों द्वारा ईरान के चाबहार बंदरगाह क्षेत्र के पास सैन्य ठिकानों पर की गई बमबारी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खलबली मचा दी है।

चाबहार बंदरगाह पर अरबों का निवेश खतरे में

भारत ने चाबहार बंदरगाह के विकास में अरबों रुपये का निवेश किया है। यह बंदरगाह भारत के लिए अफगानिस्तान और मध्य एशियाई देशों तक पहुँचने का सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है। युद्ध की स्थिति में इस बंदरगाह के संचालन में बाधा आने से भारत का पूरा व्यापारिक नेटवर्क प्रभावित हो सकता है।

वैश्विक तेल कीमतों और सप्लाई चेन पर असर

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष और बढ़ता है, तो वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है। भारत अपनी तेल जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आयात करता है, जिससे घरेलू बाजार में महंगाई बढ़ने का डर है। भारत सरकार स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है और कूटनीतिक रास्तों से तनाव कम करने की कोशिशों में जुटी है।