Iran Israel US War: भारत के तेल जहाजों पर ईरान का बड़ा दावा-'हम नहीं रोक रहे, अमेरिका से पूछिए'

ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान के उप-विदेश मंत्री सईद खतीबजादा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान 'होर्मुज जलडमरूमध्य' में भारतीय तेल जहाजों को नहीं रोक रहा है। इसके लिए भारत को अमेरिका से सवाल पूछना चाहिए।

Iran Israel US War: भारत के तेल जहाजों पर ईरान का बड़ा दावा-'हम नहीं रोक रहे, अमेरिका से पूछिए'
A high-level geopolitical summit setting (like Raisina Dialogue). An Iranian diplomat speaking passionately at a podium with microphones. In the blurred background, flags of Iran and India are subtly visible. The mood is serious, tense, and diplomatic. High resolution, professional news photography style.

New Delhi: ईरान का अमेरिका और इजराइल के साथ बढ़ता तनाव अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर वैश्विक चिंता का विषय बन गया है। इस तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। इन गंभीर परिस्थितियों के बीच, ईरान के उप-विदेश मंत्री सईद खतीबजादा (Saeed Khatibzadeh) ने दिल्ली में चल रहे 'रायसीना डायलॉग' (Raisina Dialogue 2026) में एक बेहद महत्वपूर्ण बयान दिया है।

'हम भारतीय जहाजों को नहीं रोक रहे, अमेरिका से पूछिए'

भारतीय तेल जहाजों को रोकने की अटकलों पर उप-विदेश मंत्री ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा, "ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय जहाजों को बिल्कुल नहीं रोक रहा है। बल्कि भारत को अमेरिका से यह पूछना चाहिए कि वह हिंद महासागर में ईरानी जहाजों को निशाना क्यों बना रहा है? असली खतरा अमेरिका है और सवाल भी उन्हीं से पूछा जाना चाहिए।"

'ईरान एक जिम्मेदार शक्ति है'

सईद खतीबजादा ने कहा कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में स्थिरता का एक आधार स्तंभ है। उन्होंने स्पष्ट किया, "यदि हम इसे कभी बंद करेंगे, तो बाकायदा इसकी घोषणा करेंगे। फिलहाल हमने इसे बंद नहीं किया है; हम एक जिम्मेदार शक्ति हैं।" उन्होंने अमेरिका पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भारत और ईरान की मानसिकता 'शतरंज' (धैर्य और रणनीति) वाली है, जबकि अमेरिका की मानसिकता 'अमेरिकी फुटबॉल' (आक्रामकता और बल प्रयोग) वाली है।

'हम पूर्ण युद्ध (Total War) का सामना कर रहे हैं'

रायसीना डायलॉग के इतर बात करते हुए खतीबजादा ने कहा कि उनका देश वर्तमान में 'टोटल वॉर' की स्थिति का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा, "हम पर हमला हो रहा है, अमेरिकियों और इजरायलियों द्वारा आक्रमण किया जा रहा है। वे ईरान को अधिकतम नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। जिस समय हम बात कर रहे हैं, तेहरान पर लगातार अंधाधुंध बमबारी (Carpet-bombing) हो रही है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान के पास अपनी आखिरी गोली और आखिरी सैनिक तक डटे रहने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।

राजनयिक मानदंडों के लिए अमेरिका को बताया खतरा

ईरानी उप-विदेश मंत्री ने चेतावनी दी कि एक राष्ट्राध्यक्ष की कथित हत्या सहित अमेरिकी कार्रवाइयां वैश्विक राजनयिक मानदंडों के लिए एक बड़ा खतरा हैं। उन्होंने हिंद महासागर में एक ईरानी जहाज को डुबोए जाने का भी जिक्र किया और अमेरिका की इस कार्रवाई की तुलना नाजी जर्मनी की हरकतों से की।