केजरीवाल का मोदी को खुला चैलेंज: '10 सीटें जीती तो छोड़ दूंगा राजनीति'
दिल्ली शराब नीति मामले में बरी होने के बाद अरविंद केजरीवाल ने PM मोदी को सीधा चैलेंज दिया। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा दिल्ली में 10 सीटें भी जीत गई तो वह राजनीति छोड़ देंगे।
नई दिल्ली: दिल्ली शराब नीति मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट से बड़ी राहत मिलने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को एक खुला चैलेंज दिया है। इस मामले में खुद को और अपनी पार्टी के नेताओं को क्लीन चिट मिलने के बाद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा पर जमकर हमला बोला और एक बड़ा दावा किया।
‘तुम 10 सीटें भी जीत गए तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा’
कोर्ट से बरी होने के बाद अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी को सीधे तौर पर चुनौती देते हुए कहा, “तुम दिल्ली में 10 सीटें भी जीत गए तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा। मैं तुम्हें चुनौती देता हूं कि दिल्ली में दोबारा चुनाव कराओ और अगर तुम 10 सीटें भी जीत गए तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा।” केजरीवाल का यह बयान ऐसे समय आया है जब दिल्ली की राजनीति में शराब नीति मामले को लेकर लंबे समय से गहमागहमी बनी हुई थी।
भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप, दोबारा चुनाव की चुनौती
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने जानबूझकर उन्हें और उनकी पार्टी को बदनाम करने की कोशिश की, लेकिन सत्य की जीत हुई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा झूठे मामलों में फंसाकर आम आदमी पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता को रोकना चाहती है। उन्होंने दिल्ली में दोबारा चुनाव कराने की चुनौती देते हुए कहा कि अगर भाजपा में हिम्मत है तो वह दिल्ली में विधानसभा चुनाव कराए और अपनी ताकत दिखाए।
मनीष सिसोदिया समेत 23 AAP नेताओं को मिली क्लीन चिट
राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली शराब नीति मामले में अरविंद केजरीवाल के साथ-साथ पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी के कुल 23 नेताओं को बरी कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले को आम आदमी पार्टी के लिए एक बड़ी जीत के तौर पर देखा जा रहा है। इस फैसले के बाद से आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई है और पार्टी इसे भाजपा के खिलाफ अपनी नैतिक जीत बता रही है।
यह घटनाक्रम दिल्ली की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है और आने वाले समय में विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि तैयार कर सकता है। केजरीवाल के इस खुले चैलेंज से सियासी पारा और चढ़ने की उम्मीद है।









