लोकसभा में ओम बिरला की वापसी: बोले- सदन नियमों से ही चलेगा

अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद ओम बिरला ने फिर संभाली स्पीकर की कुर्सी। बोले- मेरे लिए पक्ष और विपक्ष दोनों बराबर हैं, कार्यवाही नियमों से ही होगी।

लोकसभा में ओम बिरला की वापसी: बोले- सदन नियमों से ही चलेगा
लोकसभा में ओम बिरला की वापसी: बोले- सदन नियमों से ही चलेगा

लोकसभा की कार्यवाही में आज एक बड़ा मोड़ देखने को मिला जब ओम बिरला ने एक बार फिर स्पीकर (अध्यक्ष) की कुर्सी संभाल ली। विपक्षी दलों द्वारा उनके खिलाफ लाया गया 'अविश्वास प्रस्ताव' खारिज होने के ठीक अगले दिन बिरला पूरे आत्मविश्वास के साथ सदन में लौटे। उनकी इस वापसी को सत्ता पक्ष की एक बड़ी नैतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है।

निष्पक्षता पर दिया कड़ा संदेश

कुर्सी संभालते ही ओम बिरला ने अपनी निष्पक्षता पर सवाल उठाने वालों को स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने सदन को संबोधित करते हुए कहा, "मेरे लिए विपक्ष और सरकार दोनों बराबर हैं। सदन किसी के व्यक्तिगत हितों से नहीं, बल्कि स्थापित नियमों और प्रक्रियाओं से ही चलेगा।" उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखना सभी सदस्यों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

चर्चा पर रखेंगे अपना पक्ष

विपक्ष के विरोध और पिछले दो दिनों के हंगामे का जिक्र करते हुए बिरला ने कहा कि वह भी पिछले दो दिनों की चर्चा पर अपना विचार रखेंगे। उन्होंने सदन को आश्वासन दिया कि वह हर सदस्य को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर देंगे, बशर्ते वह संसदीय मर्यादा के भीतर हो।

संसदीय कार्यवाही में अनुशासन की अपील

स्पीकर ने दोहराया कि सदन जनता की समस्याओं को उठाने का मंच है और इसे हंगामे की भेंट नहीं चढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से सदन को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद बिरला की इस टिप्पणी ने स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले दिनों में सदन के भीतर अनुशासन को लेकर सख्ती बनी रहेगी।