Rajasthan BJP Crisis: Alwar में बड़ा भूचाल, 3 पंचायत समिति सदस्यों का इस्तीफा, MLA Ramesh Khinchi पर गंभीर आरोप
Rajasthan के Alwar जिले में BJP के 3 Panchayat Samiti सदस्यों ने इस्तीफा देकर पार्टी में हड़कंप मचा दिया है। सदस्यों ने Kathumar MLA Ramesh Khinchi पर विकास कार्य रोकने और बदले की राजनीति करने का आरोप लगाया है।
Alwar, Rajasthan: राजस्थान में भजनलाल शर्मा (Bhajanlal Sharma) की सरकार चल रही है, लेकिन अलवर जिले के कठूमर (Kathumar) में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। यहां पार्टी के अंदर की कलह अब सड़कों पर आ गई है। कठूमर पंचायत समिति के 3 निर्वाचित सदस्यों ने एक साथ इस्तीफा देकर सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।
इस्तीफा देने वाले सदस्यों ने अपनी ही पार्टी के विधायक रमेश खींची (Ramesh Khinchi) पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विधायक अपनी "पुरानी कांग्रेसी मानसिकता" से बाज नहीं आ रहे हैं और बदले की राजनीति कर रहे हैं।
किन सदस्यों ने दिया इस्तीफा? (Who Resigned?)
शनिवार को जिन तीन भाजपा सदस्यों ने अपना इस्तीफा जिलाध्यक्ष अशोक गुप्ता को भेजा, उनके नाम हैं:
सत्येंद्र हरिजन (वार्ड नंबर 3)
कृष्णा (वार्ड नंबर 18)
रुक्मणी (वार्ड नंबर 19)
ये तीनों सदस्य भाजपा के सिंबल (Symbol) पर चुनाव जीतकर आए थे। अपने इस्तीफे में इन्होंने लिखा कि उन्होंने कांग्रेस सरकार के समय कड़े संघर्ष के बाद कठूमर में भाजपा का प्रधान बनवाया था, लेकिन अब अपनी ही सरकार में उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।
MLA रमेश खींची पर क्या हैं आरोप? (Allegations on MLA)
इस्तीफा देने वाले सदस्यों ने विधायक रमेश खींची के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनके मुख्य आरोप इस प्रकार हैं:
विकास कार्यों में रोड़ा: सदस्यों का आरोप है कि पिछले 2 साल से विधायक पंचायत समिति में कोई भी विकास कार्य नहीं होने दे रहे हैं।
बैठकें नहीं हो रहीं: उनका दावा है कि लंबे समय से पंचायत समिति की कोई भी साधारण सभा या बैठक (Meeting) आयोजित नहीं की गई है, जिससे क्षेत्र का विकास ठप पड़ा है।
बदले की राजनीति: पत्र में लिखा गया है कि विधायक खींची "पुरानी कांग्रेसी मानसिकता" से ग्रसित हैं और प्रधान व सदस्यों को जानबूझकर परेशान कर रहे हैं।
वोटरों का अपमान: सदस्यों का कहना है कि आपसी लड़ाई में कठूमर के 2 लाख वोटरों का अपमान हो रहा है, जिन्होंने विकास के लिए वोट दिया था।
धरने पर बैठे लोगों को कहा 'असामाजिक तत्व'
मामला तब और बिगड़ गया जब जनप्रतिनिधियों ने अपनी मांगों को लेकर पंचायत समिति के बाहर धरना दिया। आरोप है कि विधायक खेमे ने कुछ पूर्व सरपंचों के फर्जी हस्ताक्षर करवाकर धरने पर बैठी महिलाओं और पुरुषों को "असामाजिक तत्व" (Anti-social elements) बता दिया। इस बात से आहत होकर सदस्यों ने अपने समर्थकों के साथ पार्टी छोड़ने का फैसला किया।
Pradhan को भी नहीं मिला चार्ज (No Charge for Pradhan)
विवाद सिर्फ सदस्यों तक सीमित नहीं है। कठूमर की भाजपा प्रधान संगम चौधरी (Sangam Chaudhary) को भी अब तक अपना कार्यभार (Charge) ग्रहण नहीं कराया गया है। शुक्रवार को जब वे पंचायत समिति पहुंचीं, तो उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। उन्होंने बीडीओ (BDO) को पत्र लिखकर शिकायत की है कि उच्चाधिकारियों के आदेश के बावजूद उन्हें चार्ज नहीं दिया जा रहा है।
क्या बोली पार्टी और विधायक? (Official Reactions)
अशोक गुप्ता (BJP जिलाध्यक्ष, अलवर): "मुझे अभी इस्तीफे नहीं मिले हैं। यह परिवार का मामला है। प्रधान और विधायक के बीच चल रही खींचतान को बातचीत से सुलझा लिया जाएगा।"
रमेश खींची (MLA, कठूमर): "ये आरोप पूरी तरह निराधार हैं। इस्तीफा देने वाले लोगों का पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है। वे सिर्फ अनावश्यक दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।"
Conclusion: आंतरिक कलह से नुकसान?
राजस्थान में भाजपा की सरकार होने के बावजूद अपने ही विधायकों और पंचायत सदस्यों के बीच इस तरह की "सिर-फुटौव्वल" पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा रही है। अब देखना होगा कि पार्टी आलाकमान इस डैमेज कंट्रोल (Damage Control) के लिए क्या कदम उठाता है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1: अलवर के कठूमर में भाजपा के कितने सदस्यों ने इस्तीफा दिया? Ans: कुल 3 पंचायत समिति सदस्यों (सत्येंद्र हरिजन, कृष्णा, और रुक्मणी) ने इस्तीफा दिया है।
Q2: सदस्यों ने किस पर आरोप लगाए हैं? Ans: उन्होंने स्थानीय भाजपा विधायक रमेश खींची पर विकास कार्य रोकने और परेशान करने का आरोप लगाया है।
Q3: विधायक रमेश खींची ने क्या सफाई दी? Ans: विधायक ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ये लोग पार्टी से जुड़े नहीं हैं और केवल दबाव बना रहे हैं।









