अगले एक साल सोना न खरीदें, पेट्रोल-डीजल संभलकर इस्तेमाल करें, मोदी की अपील, कुछ बड़ा होने वाला है!

अगले एक साल सोना न खरीदें, पेट्रोल-डीजल संभलकर इस्तेमाल करें, मोदी की अपील, कुछ बड़ा होने वाला है!

नई दिल्ली:भारत समेत दुनिया के कई देश कुछ चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। विभिन्न देशों में युद्ध की पृष्ठभूमि में वैश्विक संकट से जूझते हुए, एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर हमें कुछ कदम उठाने चाहिए। अगले एक साल तक सोने की खरीद टालें, विदेश यात्रा से बचें और पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल भी कम से कम करें, ऐसी अपील प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने वैश्विक संकट और भारत की भूमिका पर अपने विचार रखे। इस मौके पर उन्होंने देशवासियों के लिए प्रमुख नौ अपील कीं। खासकर सोना न खरीदने और पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल कम करने की मोदी की अपील के बाद आने वाले समय में आखिर क्या स्थिति बनने वाली है, इसको लेकर लोगों के मन में संदेह के बादल घिर गए हैं।

नरेंद्र मोदी की देशवासियों से कौन-सी 9 अपीलें:

 पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल संभलकर करें क्योंकि दाम बहुत बढ़ गए हैं

खाद्य तेल का इस्तेमाल सीमित और संभलकर करें

अगले एक साल सोना न खरीदें

सालभर विदेश यात्रा टालें

 कच्चे तेल की बचत पर जोर देना है

 विदेशी मुद्रा बचाने पर जोर देना है, हमें विदेशी मुद्रा भंडार कम नहीं होने देना है

 ज्यादा से ज्यादा मेट्रो से सफर करें, इलेक्ट्रिक वाहनों से यात्रा करें

 वर्क फ्रॉम होम पर जोर दें, ऑनलाइन बैठकों पर जोर दें

विदेशी उत्पादों की खरीद कम करें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशी मुद्रा बचाने और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए, नागरिकों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की है।

मोदी ने ऐसी अपीलें क्यों कीं?

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने की घोषणा की है। लेकिन, होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बरकरार है। अमेरिका-ईरान संघर्ष यानी इस युद्ध का असर वैश्विक व्यापार और ईंधन आपूर्ति पर पड़ रहा है। कच्चे तेल की कीमतें 110 से 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने से भारत में महंगाई भड़कने की आशंका है। वैश्विक अस्थिरता के कारण डॉलर के मुकाबले रुपया और कमजोर होने की संभावना जताई जा रही है।

दूसरी ओर, होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी से भारत के आयात-निर्यात पर, खासकर उर्वरक और ऊर्जा क्षेत्र पर बड़ा असर पड़ा है। शेयर बाजार में अस्थिरता के चलते विदेशी संस्थागत निवेशकों ने पिछले कुछ दिनों में भारतीय बाजार से अनुमानित 14,231 करोड़ रुपये निकाल लिए हैं।

भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना खरीददारों में से एक है। शादी-समारोहों से लेकर निवेश तक, भारतीयों का सोने से गहरा नाता है। लेकिन अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए नागरिकों ने एक साल तक सोना नहीं खरीदा तो इसका असर सिर्फ आभूषण बाजार तक सीमित नहीं रहेगा। इससे देश की अर्थव्यवस्था, रुपया, व्यापार घाटा और निवेश के तरीकों में भी अहम बदलाव आ सकते हैं।