Ajit Pawar Death Effect: NCP ने रोका चुनाव प्रचार, अब लाउडस्पीकर नहीं, सिर्फ 'चिट्ठी' से मांगेंगे वोट

Ajit Pawar के निधन के बाद NCP ने Zilla Parishad और Panchayat Samiti चुनावों के लिए प्रचार रोक दिया है। पुणे में पार्टी ने रोड शो और रैलियों पर बैन लगा दिया है। जानिए क्या है NCP का नया 'साइलेंट कैंपेन' प्लान।

Ajit Pawar Death Effect: NCP ने रोका चुनाव प्रचार, अब लाउडस्पीकर नहीं, सिर्फ 'चिट्ठी' से मांगेंगे वोट

Pune: महाराष्ट्र की राजनीति (Maharashtra Politics) के दिग्गज और उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) के आकस्मिक निधन ने न केवल उनके परिवार को बल्कि उनकी पार्टी NCP (Nationalist Congress Party) को भी गहरा सदमा दिया है। बारामती विमान हादसे के बाद पूरे राज्य में शोक की लहर है। इस बीच, पुणे एनसीपी यूनिट ने एक बड़ा और संवेदनशील फैसला लेते हुए आगामी Zilla Parishad (ZP) और Panchayat Samiti चुनावों के लिए अपना पूरा चुनाव प्रचार (Election Campaign) रोकने का ऐलान किया है।

"No Roadshows, No Rallies": NCP का सख्त आदेश

Sarkarnama की रिपोर्ट के मुताबिक, पुणे जिला एनसीपी ने फैसला किया है कि अजित दादा के सम्मान में पार्टी कोई भी रोड शो (Road Show), रैली या शक्ति प्रदर्शन नहीं करेगी। पार्टी आलाकमान ने अपने सभी उम्मीदवारों को सख्त निर्देश दिए हैं कि:

लाउडस्पीकर बंद: प्रचार के दौरान किसी भी तरह के डीजे, ढोल-ताशे या लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।

डोर-टू-डोर कैंपेन: उम्मीदवार अब सिर्फ घर-घर जाकर (Door-to-Door) शांतिपूर्ण तरीके से मतदाताओं से मिलेंगे।

सिर्फ पत्रक (Pamphlets): प्रचार के लिए सिर्फ पार्टी के पत्रक और पम्फलेट्स बांटे जाएंगे।

जीत के बाद नहीं निकलेगा जुलूस (No Victory Procession)

पार्टी ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अगर उनका कोई उम्मीदवार चुनाव जीतता भी है, तो विजय जुलूस (Victory Procession) नहीं निकाला जाएगा। गुलाल और पटाखों पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि राज्य सरकार ने पहले ही 3 दिन के राजकीय शोक (State Mourning) की घोषणा की है, और पार्टी का मानना है कि ऐसे माहौल में जश्न मनाना या शोर मचाना अजित दादा की स्मृति का अपमान होगा।

NCP को दोहरा झटका: पूर्व मेयर का भी निधन

अजित पवार के जाने का गम अभी कम भी नहीं हुआ था कि पार्टी को एक और बड़ा झटका लगा है। पुणे के पूर्व मेयर और वरिष्ठ एनसीपी नेता शांतिलाल सूरतवाला (Shantilal Suratwala) का भी निधन हो गया है। एक ही हफ्ते में दो बड़े नेताओं को खोने से पुणे एनसीपी के कार्यकर्ता पूरी तरह टूट चुके हैं। इसी को देखते हुए प्रचार को 'लो-प्रोफाइल' (Low Profile) रखने का निर्णय लिया गया है।

कौन संभालेगा अब कमान? Sunetra Pawar का नाम चर्चा में

प्रचार रोकने के अलावा, पार्टी के भीतर भविष्य के नेतृत्व को लेकर भी मंथन शुरू हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार, कई वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों ने मांग की है कि अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार (Sunetra Pawar) को अब पार्टी और परिवार की जिम्मेदारी संभालनी चाहिए। चर्चा यह भी है कि एनसीपी का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) से मिलकर सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) बनाने की मांग कर सकता है। हालांकि, अभी तक इस पर कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगी है।

दादा के बिना 'सूना' चुनाव

पुणे और बारामती के इतिहास में यह शायद पहला मौका होगा जब एनसीपी बिना अपने सबसे बड़े 'स्टार प्रचारक' (Star Campaigner) अजित पवार के चुनाव मैदान में होगी। उनकी दहाड़ और बेबाक भाषणों के बिना यह चुनाव प्रचार पूरी तरह से फीका और खामोश नजर आएगा। पार्टी ने 'मौन प्रचार' का रास्ता चुनकर अपने नेता को सच्ची श्रद्धांजलि देने की कोशिश की है।