US-Iran War: ईरान का पलटवार, US ऑयल टैंकर पर किया मिसाइल हमला; 'IRIS Dena' का लिया बदला और ट्रंप को दी धमकी
अमेरिका-ईरान युद्ध ने लिया भयंकर रूप! अपने युद्धपोत 'IRIS Dena' के डुबाए जाने से बौखलाए ईरान ने खाड़ी में अमेरिकी ऑयल टैंकरों पर मिसाइलें दागी हैं। साथ ही, डोनाल्ड ट्रंप का खून बहाने की खुली धमकी दी है। पढ़ें युद्ध की पूरी इनसाइड स्टोरी।
खाड़ी में भड़की युद्ध की ज्वाला: 'IRIS Dena' का बदला लेने के लिए ईरान ने US ऑयल
टैंकरों को बनाया निशाना
वाशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव (US-Iran War 2026) अब एक विनाशकारी समुद्री युद्ध में तब्दील हो चुका है। अपने सबसे अहम युद्धपोत के नष्ट होने से बौखलाए ईरान के 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) ने पलटवार करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) और फारस की खाड़ी में अमेरिकी और ब्रिटिश कमर्शियल ऑयल टैंकरों पर भीषण मिसाइल हमले किए हैं।
ईरान ने इन हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए साफ कहा है कि यह अमेरिका द्वारा उनके युद्धपोत 'IRIS Dena' को डुबाने का सीधा "प्रतिशोध" (Revenge) है। मामले को और भी ज्यादा खतरनाक बनाते हुए, ईरानी कमांडरों ने डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को लेकर बेहद खौफनाक बयान जारी किए हैं और उनका "खून बहाने" की खुली धमकी दी है।
विवाद की जड़: 'IRIS Dena' का जलसमाधि लेना
खाड़ी में मचे इस मौजूदा बवाल को समझने के लिए हमें कुछ दिन पहले हिंद महासागर में हुई उस घटना को देखना होगा जिसने इस युद्ध की दिशा बदल दी।
ईरान का आधुनिक युद्धपोत IRIS Dena हाल ही में भारत के विशाखापत्तनम में आयोजित 'मिलन' (Milan) नौसैनिक अभ्यास में हिस्सा लेने के बाद वापस लौट रहा था। जब यह जहाज श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र से गुजर रहा था, तभी एक अमेरिकी 'फास्ट-अटैक सबमरीन' (पनडुब्बी) ने इसे अपना निशाना बना लिया।
अमेरिकी पनडुब्बी ने एक बेहद घातक मार्क 48 टारपीडो (Mark 48 Torpedo) दागा, जिसने ईरानी युद्धपोत के परखच्चे उड़ा दिए और वह समुद्र में डूब गया। इस हमले में 80 से अधिक ईरानी नौसैनिक मारे गए, जबकि श्रीलंकाई नौसेना ने 32 लोगों को किसी तरह रेस्क्यू किया। अमेरिकी रक्षा विभाग ने सीना ठोककर कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह पहली बार है जब अमेरिका ने किसी दुश्मन के जहाज को टारपीडो से डुबाया है। ईरान के लिए यह एक बहुत बड़ा और अपमानजनक झटका था।
खून का बदला: ऑयल टैंकरों पर मिसाइल प्रहार
अपने नौसैनिकों की मौत और IRIS Dena के डूबने से भड़के तेहरान ने कसम खाई थी कि वह अमेरिका को इसकी भारी कीमत चुकाने पर मजबूर करेगा। इसी वादे को पूरा करते हुए, ईरानी सेना ने खाड़ी से गुजर रहे पश्चिमी देशों के तेल टैंकरों पर एंटी-शिप मिसाइलें और ड्रोन दागने शुरू कर दिए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने कम से कम तीन बड़े अमेरिकी और ब्रिटिश ऑयल टैंकरों को निशाना बनाया है। इस हमले का सीधा मकसद अमेरिका और उसके सहयोगियों की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाना और दुनिया को यह दिखाना है कि अगर ईरान को घेरा गया, तो वह दुनिया भर की तेल सप्लाई (Oil Supply) को रोक सकता है।
डोनाल्ड ट्रंप को सीधी धमकी: "बहेगा खून"
इस युद्ध ने अब एक निजी दुश्मनी का रूप ले लिया है। टैंकरों पर हमले के बाद, डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान की नौसैनिक ताकत को कुचलने के लिए अब तक उसके 9 युद्धपोतों को डुबा दिया है।
इसके तुरंत बाद, अमेरिकी सेना ने खुलासा किया कि उन्होंने ट्रंप की हत्या की साजिश रचने वाले एक शीर्ष ईरानी कमांडर को भी मार गिराया है। लगातार मिल रही इन हार और अपने नेताओं की मौतों से तिलमिलाए ईरानी चरमपंथियों ने डोनाल्ड ट्रंप का "खून बहाने" की सीधी धमकी दी है। ईरान अब ट्रंप को अपने देश की बर्बादी का मुख्य सूत्रधार मानता है और किसी भी कीमत पर उनसे बदला लेना चाहता है।
आगे क्या? दुनिया पर मंडराता खतरा
इस समुद्री युद्ध का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। अमेरिकी तेल टैंकरों पर हमले की खबर आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आग लग गई है। जिस तरह से अमेरिका ने 'प्रेसिजन बमों' की बारिश करके ईरान के आसमान पर पूरा कंट्रोल करने की ठान ली है, और जिस तरह से ईरान टैंकरों को निशाना बना रहा है, उससे साफ है कि कूटनीति (Diplomacy) के सारे रास्ते बंद हो चुके हैं। IRIS Dena का डूबना और उसके बाद ईरान का यह पलटवार इशारा कर रहा है कि मिडिल ईस्ट अब एक ऐसे महायुद्ध के मुहाने पर खड़ा है, जिसकी आग में पूरी दुनिया झुलस सकती है।









