₹2,000 से ज्यादा के UPI भुगतान पर MDR, 18% GST पर अब होगा मंथन

₹2,000 से ज्यादा के UPI भुगतान पर MDR, 18% GST पर अब होगा मंथन

UPI पर 18% GST को लेकर मंथन, 7 अक्टूबर को GST काउंसिल की बैठक

₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर MDR, अब GST को लेकर फैसला संभव

नई दिल्ली: ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा UPI मर्चेंट भुगतान पर लागू होने वाले Merchant Discount Rate (MDR) पर लगने वाले 18% GST को लेकर अब GST काउंसिल में चर्चा हो सकती है। सरकार ने संकेत दिया है कि इस मुद्दे को काउंसिल के सामने रखा जा सकता है। 

नए ढांचे के तहत 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के Person-to-Merchant (P2M) UPI लेनदेन पर 0.4% MDR प्रस्तावित है। यह शुल्क अधिकतम ₹300 प्रति लेनदेन तक सीमित रहेगा। MDR मर्चेंट से लिया जाने वाला भुगतान-प्रसंस्करण शुल्क है, न कि सरकार द्वारा लगाया गया UPI टैक्स। 

इस MDR पर 18% GST लागू होगा। हालांकि, GST-पंजीकृत और पात्र कारोबारी इस GST का Input Tax Credit (ITC) ले सकते हैं। वहीं, GST में पंजीकृत नहीं होने वाले छोटे कारोबारियों के लिए यह लागत बन सकती है, जिस पर राहत के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। 

सरकार के अनुसार, ₹2,000 तक के मर्चेंट UPI भुगतान और Person-to-Person (P2P) लेनदेन पर कोई MDR नहीं लगेगा। सरकार ने कहा है कि लगभग 96% P2M UPI लेनदेन प्रभावित नहीं होंगे। 

GST काउंसिल की अगली बैठक 7 अक्टूबर को प्रस्तावित है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार UPI MDR पर GST का मुद्दा बैठक के औपचारिक एजेंडे में अभी स्पष्ट रूप से शामिल नहीं है और इसे बैठक में उठाए जाने की संभावना पर विचार हो रहा है।